
मनाली (कुल्लू)। उत्तराखंड की त्रासदी के बाद से ही मनाली में पर्यटन कारोबार ठप पड़ा हुआ है। समर सीजन के बाद व्यवसायियों को उम्मीद थी कि दशहरा और दिवाली के समय मनाली में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। एक ओर पर्यटकों के न आने से धंधा चौपट चल रहा है तो दूसरी ओर भारी टैक्स की मार से होटल कारोबारी परेशान हैं। वीरवार को मनाली के होटलियर्स की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता मनाली होटलियर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अनूप ठाकुर ने की। उन्होंने कहा कि वर्तमान में होटल वाले दस फीसदी लग्जरी टैक्स के साथ ही 15 से 20 फीसदी ट्रेवल एजेंट का कमीशन अदा कर रहे हैं। इसके अलावा बिजली, पानी और स्टाफ का खर्चा देने के बाद आय कर भी अदा करना पड़ता है। उन्होंने प्रदेश सरकार से होटल वालों पर और अधिक बोझ न डालने के बजाय प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देन की मांग की। एसोसिएशन के पूर्व प्रधान गौतम नाथ ठाकुर ने कहा कि सरकार टैक्स बढ़ाने के बजाय मूलभूत सुविधाओं की तरफ ध्यान दे। उन्होंने कहा कि विंटर कार्निवाल में भी मनाली के पर्यटन को बढ़ावा देना चाहिए, मगर यह उत्सव एक स्थानीय मेला बनकर रह गया है। उन्होंने कहा कि इसके लिए सरकार तथा प्रशासन को बेहतर प्रचार करना चाहिए।
